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गुरुवार, 31 दिसंबर 2009

नये साल में.......



सच हो जाये सबके सपने नये साल में
बेगाने बन जाये अपने नये साल में,

दिल को दिल का मिले सहारा नये साल में
बहे प्रेम की अविरल धारा नये साल में,

हर मुखड़े पर मुस्कान खिले नये साल में
हर जुबां को सुन्दर गान मिले नये साल में,

सर्वत्र उठे सदभाव की लहरें नये साल में
सारे दुर्भाव-विकार मरें नये साल में,

सुख- दुःख बाटें सभी परस्पर नये साल में
जाति-धर्म का रहे न अंतर नये साल में,

विकसित हो तन-मन और जीवन नये साल में
सुख शांति रहे धरा-गगन में नये साल में.


3 टिप्‍पणियां:

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.
सुख आये जन के जीवन मे यत्न विधायक हो
सब के हित मे बन्धु! वर्ष यह मंगलदयक हो.

(अजीत जोगी की कविता के अंश)

वीना ने कहा…

बहुत सुंदर रचना

वीना ने कहा…

बहुत सुंदर रचना